आजकल सस्ते स्माटफोन का चलन काफी तेजी से बढ़ गया है। और कई कंपनी ऐसे स्मार्टफोन बनाने में लगे हुए है लेकिन ये सस्ते स्मार्टफोन हमें बाद में काफी महेंगे पड़ सकते है। जानिये पांच कारण
1 - सस्ते स्मार्टफोन देने वाली ज्यादातर कंपनियां सस्ते दाम में रिजेक्टेड मोबाइल पार्ट खरीदती हैं और फिर उसे असेंबल करके फोन तैयार करती हैं। ऐसे फोन की कोई लाइफ नहीं होती है
2 - सस्ते स्मार्टफोन की एक और परेशानी है कि इसमें अपडेट नहीं मिलते हैं। ऐसे में आपका फोन कई ऐप को सपोर्ट करना बंद कर देता है। साथ ही सिक्योरिटी को लेकर भी खतरा रहतता है।
3 - सस्ते स्मार्टफोन देने वाली कंपनियों के सर्विस भी नहीं मिलती। आमतौर पर इन कंपनियों के सर्विस सेंटर होते नहीं और होते भी हैं तो वहां आपको अच्छी सर्विस नहीं मिलती।
4 - सस्ते स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बहुत कम होती है।और सस्ते स्मार्टफोन में बार बार हैंग होने की समस्या भी देखने को मिलती है
5 - सस्ते स्मार्टफोन में सिक्योरिटी को लेकर बहुत खतरा रहता है। सस्ते स्मार्टफोन में MT6582 चिप यूज होता है। इसमें एक डिबग सेटिंग होता है जो टेस्टिंग के लिए होता है। इसके जरिए हैकर आपके फोन में पहुंच सकता है।
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1 - सस्ते स्मार्टफोन देने वाली ज्यादातर कंपनियां सस्ते दाम में रिजेक्टेड मोबाइल पार्ट खरीदती हैं और फिर उसे असेंबल करके फोन तैयार करती हैं। ऐसे फोन की कोई लाइफ नहीं होती है
2 - सस्ते स्मार्टफोन की एक और परेशानी है कि इसमें अपडेट नहीं मिलते हैं। ऐसे में आपका फोन कई ऐप को सपोर्ट करना बंद कर देता है। साथ ही सिक्योरिटी को लेकर भी खतरा रहतता है।
3 - सस्ते स्मार्टफोन देने वाली कंपनियों के सर्विस भी नहीं मिलती। आमतौर पर इन कंपनियों के सर्विस सेंटर होते नहीं और होते भी हैं तो वहां आपको अच्छी सर्विस नहीं मिलती।
4 - सस्ते स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बहुत कम होती है।और सस्ते स्मार्टफोन में बार बार हैंग होने की समस्या भी देखने को मिलती है
5 - सस्ते स्मार्टफोन में सिक्योरिटी को लेकर बहुत खतरा रहता है। सस्ते स्मार्टफोन में MT6582 चिप यूज होता है। इसमें एक डिबग सेटिंग होता है जो टेस्टिंग के लिए होता है। इसके जरिए हैकर आपके फोन में पहुंच सकता है।
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